हमारी , आपकी और व्यवस्था की बातें , संयोग-वियोग की बातें , चेतना को झकझोरती , उद्वेलित करती बातें , हर्ष-विस्मय , दुःख-विषाद की वो बातें जो कम मौकों पर कह पाए या जिसकी अभिव्यक्ति हो ही नहीं सकी ..............
Saturday, 11 August 2012
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बिहार की शराबबंदी: एक संकट/ भ्रष्टाचार का एक नया अध्याय?
बिहार की शराबबंदी: एक संकट/ भ्रष्टाचार का एक नया अध्याय? बिहार में वर्षों से शराबबंदी लागू है। इस निर्णय के कारण बिहार सरकार को शराब उद्योग...
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बिहार का चुनाव कई मायने में अनोखा होता है।चुनावी विश्लेषक बिहार के चुनावी परिणामों की सटीक भविष्यवाणी करने में सामान्यतः असमर्थ साबित होते ...
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माँ मेरी भौजिया (भौजी) है. हम सभी सातों भाई - बहन माँ को भौजी या भौजिया ही कहकर बुलाते हैं. बचपन से ही ऐसा चला आ रहा है. हमारे काका लोग हम...
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भाषा अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम होती है । नृत्य की भाषा अलग होती है । लोग इशारों में भी बात करते हैं । लेकिन यदि भाषा के प्रयोग में का...
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हमारा मित्र हमें ब्राह्मण कहने लगा है हमारा मित्र हमें अब ब्राह्मण कहने लगा है और अब हमसे कट-कट कर रहने लगा है । हमारा मित्र कायस्थ क्षत...
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- १- अलगनी पर फैला भींगा-भींगा तौलिया मैला उस पर कमीज़ और उसके ऊपर पायजामा कपड़ों और सिर्फ कपड़ों का हंगामा . बिछौने की सिल...
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भ्रष्टाचार समाज और देश का सबसे बड़ा दुश्मन और अन्य अधिकांश बुराइयों की जड़ है। यह किसी देश की समृद्धि में सबसे बड़ा रोड़ा है। जिस समाज या दे...
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फिर चुनाव आया है . चुनाव तो आता ही रहता है. मुद्दे बदलते रहते हैं. इस बार चुनाव के मुद्दे क्या हैं विकास, भ्रष्टाचार, काला धन, राष्ट्...
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जैसी बहे बयार पीठ तब तैसी कीजै मैं कूड़े के ढेर के पास खड़ा हूँ सड़ांध आती है यहाँ से खिसक जाने का मन करता है यहाँ पहले भी जब आता था बद...
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मैं हर पल जन्म लेता हूँ हर पल कुछ नया पाता हूँ हर पल कुछ नया खोता हूँ हर क्षण मृत्यु को वरण होता हूँ , मृत्यु के पहले जन्म का तय होना मृत्...
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तन में मन में धन में घर में गाँव में देश में जहाँ देखो वहाँ राम । हर गली हर कूचे में हर झोंपड़ी हर महल में हर रथ पे हर पताके पे राम । य...
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