हमारी , आपकी और व्यवस्था की बातें , संयोग-वियोग की बातें , चेतना को झकझोरती , उद्वेलित करती बातें , हर्ष-विस्मय , दुःख-विषाद की वो बातें जो कम मौकों पर कह पाए या जिसकी अभिव्यक्ति हो ही नहीं सकी ..............
राम मंदिर की चोरी नहीं, यह पूरे तंत्र का आईना है जहाँ धन होगा, वहाँ आकर्षण होगा; जहाँ आकर्षण होगा, वहाँ लालच भी जन्म लेगा। और जहाँ लालच हो...
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