यदि हम रोयें , तो साथ नहीं रोओगे -
यदि हम गम में डूब जाँय तो साथ नहीं डूबोगे -
इसलिए तो ठहाके लगाते हैं क्योंकि साथ तो हँसोगे --
हमारी , आपकी और व्यवस्था की बातें , संयोग-वियोग की बातें , चेतना को झकझोरती , उद्वेलित करती बातें , हर्ष-विस्मय , दुःख-विषाद की वो बातें जो कम मौकों पर कह पाए या जिसकी अभिव्यक्ति हो ही नहीं सकी ..............
बिहार की शराबबंदी: एक संकट/ भ्रष्टाचार का एक नया अध्याय? बिहार में वर्षों से शराबबंदी लागू है। इस निर्णय के कारण बिहार सरकार को शराब उद्योग...
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